प्रेम को किसी ने, भगवान कहा है,
और किसी ने इसे रब का, वरदान कहा है,
तुने इसे क्या समझा, नही जानता हूँ मैं,
मैंने इसे ईश्वरीय, तोहफा महान कहा है...........
किसी ने इसको, शीरी फरहाद है माना,
किसी ने इसको, लैला और मजनू मै जाना,
जिसने इसे जिस रूप मैं, देखा हुआ वैसा,
मैंने तो इसको अपना, हिंदुस्तान कहा है .............
किसी ने इसको कहा, राधा की भक्ति,
किसी ने माना इसे, सावित्री की शक्ति,
कुछ को लगे ये, जीसस और मदर टेरेसा,
पर मैंने इसको, गीता ओ कुरान कहा है .............
कुछ मर मिटे गोरी गोरी, चमड़ी देख के,
कुछ ने प्यार किया, बेपनाह दमड़ी देख के,
कुछ की नजर में प्यार है, बस पाना ही पाना,
मैंने तो इसको, त्याग और बलिदान कहा है ........
कुछ ने इसको चाहा, तलवार से पाना,
कुछ किये इसके लिए, तमाम साजिस ए जमाना,
पर प्यार है पूजा, इबादत मेरे साथी,
मैंने तो इसको, धर्म ओ ईमान कहा है ........
और किसी ने इसे रब का, वरदान कहा है,
तुने इसे क्या समझा, नही जानता हूँ मैं,
मैंने इसे ईश्वरीय, तोहफा महान कहा है...........
किसी ने इसको, शीरी फरहाद है माना,
किसी ने इसको, लैला और मजनू मै जाना,
जिसने इसे जिस रूप मैं, देखा हुआ वैसा,
मैंने तो इसको अपना, हिंदुस्तान कहा है .............
किसी ने इसको कहा, राधा की भक्ति,
किसी ने माना इसे, सावित्री की शक्ति,
कुछ को लगे ये, जीसस और मदर टेरेसा,
पर मैंने इसको, गीता ओ कुरान कहा है .............
कुछ मर मिटे गोरी गोरी, चमड़ी देख के,
कुछ ने प्यार किया, बेपनाह दमड़ी देख के,
कुछ की नजर में प्यार है, बस पाना ही पाना,
मैंने तो इसको, त्याग और बलिदान कहा है ........
कुछ ने इसको चाहा, तलवार से पाना,
कुछ किये इसके लिए, तमाम साजिस ए जमाना,
पर प्यार है पूजा, इबादत मेरे साथी,
मैंने तो इसको, धर्म ओ ईमान कहा है ........
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