Wednesday, 23 May 2012

dohe nida fazali ke

सबकी पूजा एक सी ,अलग -अलग हर रीत 
मस्जिद जाए मौलवी ,कोयल गाए गीत 

पूजा -घर में मूरती ,मीरा के संग श्याम 
जितनी जिसकी चाकरी ,उतने उसके दाम 

सीता -रावण ,राम का ,करें बिभाजन लोग 
एक ही तन में देखिए ,तीनों का संजोग 

माटी से माटी मिले ,खो के सभी निशान 
किसमें कितना कौन है ,कैसे हो पहचान 

सात समुन्दर पार से कोई करे व्यापार 
पहले भेजे सरहदें ,फिर भेजे हथियार 

चाकू काटे बांस को ,बंसी खोले भेद 
उतने ही सुर जानिए ,जितने उसमें छेद 

बच्चा बोला देखकर ,मस्जिद आलीशान 
अल्ला तेरे एक को ,इतना बड़ा मकान 

जादू टोना रोज़ का ,बच्चों का व्यवहार 
छोटी सी एक गेंद में भर दें सब संसार 

मैं रोया परदेश में ,भींगा माँ का प्यार 
दुःख ने दुःख से बात की ,बिन चिट्ठी बिन तार 

सातो दिन भगवान के क्या मंगल क्या पीर 
जिस दिन सोये देर तक भूखा रहे फ़कीर 

सीधा -सादा डाकिया जादू करे महान 
एक ही थैले में भरे ,आँसू और मुस्कान