तड़प से जाते हैं हम, रूठ कर यूँ जाया न करो
ऐ सितमगर रोते हुओं को और रुलाया न करो
जाना हीं हो तुम्हे, तो जाओ कुछ इस तरह
ले जाओ निशानियाँ, यादों में भी आया न करो
हमे सुनाकर बेवफाइयों के किस्से बार बार
हमारे सब्र की इन्तेहाँ को आजमाया न करो
न आता हो तुम्हे निभाना, तो रिश्ते बनाकर
कसमों वादों में किसी को उलझाया न करो
हँसा कर एक बार यूँ बार बार रुला देते हों हमें
अब रहने दो तन्हा, महफ़िलों में बुलाया न करो
ऐ सितमगर रोते हुओं को और रुलाया न करो
जाना हीं हो तुम्हे, तो जाओ कुछ इस तरह
ले जाओ निशानियाँ, यादों में भी आया न करो
हमे सुनाकर बेवफाइयों के किस्से बार बार
हमारे सब्र की इन्तेहाँ को आजमाया न करो
न आता हो तुम्हे निभाना, तो रिश्ते बनाकर
कसमों वादों में किसी को उलझाया न करो
हँसा कर एक बार यूँ बार बार रुला देते हों हमें
अब रहने दो तन्हा, महफ़िलों में बुलाया न करो
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